Wednesday, April 28, 2010

तुम्हारे हुनरमंद टैलेंट की तारीफ़ करूँ या फिर उस निर्भीक की दिलेरी भरी जांबाजी की

kadahi 

पति (खाना खाते वक्त पत्नी से): वाह!…क्या टैलेंट दिया है तुमको ऊपरवाले ने..वाह…मज़ा आ गया

पत्नी(फूल कर कुप्पा होते हुए): क्या हुआ?

पति(असमंजस भरे स्वर में):समझ में नहीं आ रहा कि तुम्हारे हुनरमंद टैलेंट की ज्यादा तारीफ़ करूँ या फिर उसक निर्भीक पापड़ की दिलेरी भरी जांबाजी पर खुश होकर उसकी खुले दिल से हौंसला अफजाई करूँ?

पत्नी(चेहरे पे हैरानी भरा पुट ले खुश होते हुए): क्यों?…क्या हुआ?

पति: तुम्हारी लाख कोशिशों के बावजूद गर्म खौलते तेल की कढाही से वो पापड़ कच्चा जो बच के बाहर निकल आया

पत्नी:क्या? 

Friday, April 23, 2010

पूरे….पचास साल

शर्मा जी: यार!…ये दिल्ली का पानी बड़ा खराब है…

वर्मा जी: क्यों?…क्या हुआ?

शर्मा जी:यहाँ पाल्यूशन और गन्दगी इतनी ज्यादा है कि आदमी वक्त से पहले ही बूढा नज़र आने लगता है….

वर्मा जी: जी!…ये बात तो है

शर्मा जी:अभी सिर्फ दो साल ही हुए हैं मुझे दिल्ली में आ के बसे हुए और देखो…मेरे सारे के सारे बाल सफ़ेद होते जा रहे हैं…

वर्मा जी:ओह!…वैसे अभी आपकी उम्र कितनी है?

शर्मा जी:पूरे….पचास साल

Tuesday, April 20, 2010

खाना मत…ठीक हो जाओगे

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मरीज़: डाक्टर साहब!…आपका बहुत नाम सुना है …मुझे मेरी बिमारी से निजात दिलाईए

डाक्टर:जी!..ज़रूर…कहिये…क्या तकलीफ है आपको?

मरीज़:अब क्या बताऊँ आपको डाक्टर साहब?…देर रात जब थक-हार के पलंग पे औंधे मुंह लेटता हूँ तो तुरंत ही नींद मुझे अपने आगोश में ले लेती है

डाक्टर: ओह!….इसके अलावा कोई और तकलीफ?

मरीज़:है ना!….

डाक्टर:क्या?…

मरीज़:खाना खाते ही भूख मर जाती है और पानी पीते ही ….

डाक्टर:प्यास का नामोनिशान गायब हो जाता है?

मरीज़:आप तो अन्तर्यामी हैं प्रभु…मेरा बंटाधार कीजिए

 डाक्टर:ये कुछ गोलियाँ और कैप्सूल दे रहा हूँ…खाना मत…ठीक हो जाओगे

pills

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